जिंदगी का हर एक भाग सीख हीं तो है !!!!!
कभी - कभी जिंदगी पहेली सी लगती है न जाने हम क्यों इससे ज्यादा उम्मीद रखते हैं ,हो भी क्यों नहीं हम इसे अच्छे तरीके से जीना पसंद करते हैं, कुछ पल हँसाते हैं, कुछ रुलाते हैं तो कुछ अहसास दे जाते हैं ।दोस्ती ,प्यार,गम ,नफरत तो इसी के तो भाग हैं। किसी को अपना बनाना और उसी से धोखा खाना फिर भी नफरत न कर पाना ।कुछ पलों को भूलाना बहुत हीं मुश्किल होता है ।हम जानते हैं उन यादों को भूलाना हीं बेहतर है पर न चाहते हुए भी ये दिल बरबस यादों के समंदर में गोता लगा जाता हैं ।
जिंदगी का कटु सत्य यह भी है अगर आप सच्चे दिल से भी किसी को चाहो तो कोई जरुरी नहीं कि वो भी आपको चाहे या अपना हो जाए ।किसी का ख्याल जान से ज्यादा रखनें को बावजूद भी धोखा मिले तो दिल में एक चुभन होना स्वाभाविक है ।किसी के नजरों प्यार मजाक में कह देने वाली बात होती है तो किसी का जुड़ाव भावनात्मक हो जाता है खैर अगर कोई इसे गंभीर लेता है तो यह उसकी गलती है ।
