मैं तो दर्द के पलों मों भी खामोश रहता हूँ,
मजधार में भी किनारे के आस में रहता हूँ,
तन्हाई मिलती है अक्सर हमें फिर भी
न जानें क्यूँ खुशी की तलाश में रहता हूँ !!!!
मजधार में भी किनारे के आस में रहता हूँ,
तन्हाई मिलती है अक्सर हमें फिर भी
न जानें क्यूँ खुशी की तलाश में रहता हूँ !!!!
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